एसआईपी के लिए सबसे अच्छे म्यूचुअल फंड: 10 साल के एसआईपी एक्सआईआरआर के आधार पर टॉप 10 फंड
Blog by Aliceblue News Desk
27 October 2026
15 minutes
यह सूची 10 साल के एसआईपी एक्सआईआरआर के आधार पर म्यूचुअल फंड को रैंक करती है। यह आंकड़े 4 सितंबर 2025 को जारी एक सार्वजनिक म्यूचुअल फंड विश्लेषण पर आधारित हैं।
इस सूची में क्वांट स्मॉल कैप फंड 24.54% एक्सआईआरआर के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड 23.01% एक्सआईआरआर के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
हालांकि, सिर्फ पुराने रिटर्न देखकर एसआईपी के लिए फंड नहीं चुनना चाहिए।
इस सूची में कई टॉप फंड स्मॉल कैप और मिड कैप कैटेगरी के हैं। इसलिए निवेश करने से पहले जोखिम, एक्सपेंस रेशियो, बेंचमार्क, रिटर्न में लगातार अच्छा प्रदर्शन और अपने निवेश के लक्ष्य को भी देखना जरूरी है।
जरूरी जानकारी | विवरण |
सबसे ज्यादा 10 साल का एसआईपी एक्सआईआरआर | क्वांट स्मॉल कैप फंड |
10 साल का एसआईपी एक्सआईआरआर | 24.54% |
स्रोत | सार्वजनिक म्यूचुअल फंड विश्लेषण |
प्रकाशित तारीख | 4 सितंबर 2025 |
इस्तेमाल किया गया प्लान | रेगुलर ग्रोथ |
रिटर्न का तरीका | मंथली एसआईपी एक्सआईआरआर |
मुख्य जोखिम | ज्यादातर फंड स्मॉल कैप और मिड कैप कैटेगरी के हैं |
विषय सूची
- 10 साल का एसआईपी रिटर्न क्या होता है?
- भारत में 10 साल में सबसे ज्यादा एसआईपी रिटर्न देने वाले टॉप 10 म्यूचुअल फंड
- अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एसआईपी रिटर्न की रैंकिंग अलग क्यों होती है?
- फंड चुनने से पहले एसआईपी एक्सआईआरआर को कैसे समझें?
- एसआईपी फंड चुनने से पहले क्या-क्या चेक करें?
- स्मॉल कैप और मिड कैप फंड इस सूची में आगे क्यों हैं?
- स्मॉल कैप, मिड कैप और फ्लेक्सी कैप फंड में अंतर
- एसआईपी एक्सआईआरआर और सीएजीआर में अंतर
- ₹10,000 महीने की एसआईपी का 10 साल का उदाहरण
- रोलिंग रिटर्न भी क्यों जरूरी हैं?
- एसआईपी रिटर्न और लंप सम रिटर्न में अंतर
- बजट 2024 के बाद इक्विटी म्यूचुअल फंड पर टैक्स
- नए निवेशकों को इस सूची से फंड कैसे चुनना चाहिए?
- नए निवेशकों को किन गलतियों से बचना चाहिए?
- निष्कर्ष
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
10 साल का एसआईपी रिटर्न क्या होता है?
10 साल का एसआईपी रिटर्न यह दिखाता है कि हर महीने म्यूचुअल फंड में लगाया गया आपका पैसा 10 साल में कितना बढ़ सकता था।
एसआईपी यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में आप हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं।
यह उन लोगों के लिए उपयोगी है जो एक साथ बड़ी रकम निवेश करने के बजाय हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा लगाना चाहते हैं।
उदाहरण के लिए, अगर आप 10 साल तक हर महीने ₹10,000 निवेश करते हैं:
₹10,000 × 12 × 10 = ₹12,00,000
यानी 10 साल में आपने कुल ₹12 लाख निवेश किए।
आखिर में यह रकम कितनी होगी, यह फंड के एनएवी में होने वाले बदलाव पर निर्भर करेगा।
एनएवी यानी नेट एसेट वैल्यू म्यूचुअल फंड की एक यूनिट की कीमत होती है।
जब एनएवी कम होता है, तो आपकी एसआईपी की रकम से ज्यादा यूनिट मिलती हैं।
जब एनएवी ज्यादा होता है, तो उसी रकम में कम यूनिट मिलती हैं।
हर एसआईपी किस्त अलग तारीख को निवेश होती है, इसलिए एसआईपी रिटर्न को आमतौर पर एक्सआईआरआर से मापा जाता है।
एक्सआईआरआर हर किस्त की रकम और निवेश की तारीख को ध्यान में रखकर सालाना रिटर्न बताता है।
भारत में 10 साल में सबसे ज्यादा एसआईपी रिटर्न देने वाले टॉप 10 म्यूचुअल फंड
नीचे 10 साल के एसआईपी एक्सआईआरआर के आधार पर टॉप 10 म्यूचुअल फंड दिए गए हैं।
रैंक | म्यूचुअल फंड | कैटेगरी | 10 साल का एसआईपी एक्सआईआरआर | निवेश से पहले मुख्य बात |
1 | क्वांट स्मॉल कैप फंड | स्मॉल कैप | 24.54% | कीमत में तेज उतार-चढ़ाव |
2 | निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड | स्मॉल कैप | 23.01% | स्मॉल कैप का ज्यादा जोखिम |
3 | मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड | मिड कैप | 22.58% | मिड कैप में ज्यादा निवेश |
4 | इन्वेस्को इंडिया मिड कैप फंड | मिड कैप | 21.29% | रिटर्न लगातार कैसा रहा |
5 | एडलवाइस मिड कैप फंड | मिड कैप | 21.09% | एक्सपेंस रेशियो |
6 | निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिड कैप फंड | मिड कैप | 21.06% | पोर्टफोलियो में एक जैसे स्टॉक्स |
7 | एचडीएफसी स्मॉल कैप फंड | स्मॉल कैप | 20.52% | कमजोर बाजार में बड़ी गिरावट |
8 | एचडीएफसी मिड कैप फंड | मिड कैप | 20.46% | क्या यह कैटेगरी आपके लिए सही है |
9 | क्वांट मिड कैप फंड | मिड कैप | 19.66% | फंड का निवेश करने का तरीका |
10 | पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड | फ्लेक्सी कैप | 19.48% | अलग-अलग मार्केट कैप में निवेश |
इस टेबल में पहले नंबर पर आने वाला फंड हर निवेशक के लिए सबसे अच्छा हो, यह जरूरी नहीं है।
ज्यादातर फंड स्मॉल कैप और मिड कैप कैटेगरी के हैं।
इन फंड में लंबे समय में ज्यादा रिटर्न की संभावना हो सकती है, लेकिन कमजोर बाजार में इनकी वैल्यू तेजी से गिर भी सकती है।
फंड चुनने से पहले ये चीजें जरूर देखें:
- रिस्कोमीटर
- एक्सपेंस रेशियो
- बेंचमार्क
- पोर्टफोलियो
- आपका निवेश कितने समय के लिए है
ध्यान दें: इस अध्ययन में रेगुलर ग्रोथ प्लान और मंथली एसआईपी एक्सआईआरआर का इस्तेमाल किया गया था। इस सूची को निवेश की सीधी सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एसआईपी रिटर्न की रैंकिंग अलग क्यों होती है?
आप अलग-अलग निवेश प्लेटफॉर्म, एएमसी वेबसाइट, रिसर्च वेबसाइट या फंड स्क्रीनर पर अलग-अलग फंड को टॉप पर देख सकते हैं।
इसका मतलब हमेशा यह नहीं होता कि कोई एक सूची गलत है।
फर्क इस बात पर निर्भर करता है कि सूची किस तरह बनाई गई है।
उदाहरण के लिए:
- कोई प्लेटफॉर्म डायरेक्ट प्लान के रिटर्न दिखा सकता है
- दूसरा रेगुलर प्लान का इस्तेमाल कर सकता है
- कोई 3 साल का रिटर्न देख सकता है
- कोई 5 साल या 10 साल का रिटर्न देख सकता है
एसआईपी की तारीख भी फर्क डाल सकती है।
हर महीने की 1 तारीख को की गई एसआईपी का रिटर्न 10 या 15 तारीख की एसआईपी से थोड़ा अलग हो सकता है।
रिटर्न मापने का तरीका भी जरूरी है।
एसआईपी के लिए आमतौर पर एक्सआईआरआर इस्तेमाल किया जाता है, जबकि एक साथ लगाए गए पैसे यानी लंप सम निवेश के लिए अक्सर सीएजीआर देखा जाता है।
दो अलग एसआईपी रिटर्न की सूचियों की तुलना करने से पहले ये चीजें चेक करें:
- डेटा की तारीख
- डायरेक्ट प्लान या रेगुलर प्लान
- ग्रोथ ऑप्शन या आईडीसीडब्ल्यू ऑप्शन
- एसआईपी की तारीख
- एक्सआईआरआर या सीएजीआर
- कौन-कौन सी फंड कैटेगरी शामिल हैं
- सेक्टोरल या थीमैटिक फंड शामिल हैं या नहीं
इससे अलग-अलग सूचियों की सही तरीके से तुलना करना आसान होगा।
फंड चुनने से पहले एसआईपी एक्सआईआरआर को कैसे समझें?
ज्यादा एसआईपी एक्सआईआरआर सिर्फ यह बताता है कि फंड ने पिछले एक तय समय में कैसा रिटर्न दिया।
यह नहीं बताता कि वह फंड आपके लक्ष्य, निवेश की अवधि या जोखिम सहने की क्षमता के हिसाब से सही है या नहीं।
फंड चुनने से पहले इन बातों पर ध्यान दें:
बात | क्यों जरूरी है? |
फंड कैटेगरी | स्मॉल कैप, मिड कैप और फ्लेक्सी कैप में जोखिम अलग-अलग होता है |
बेंचमार्क | इससे पता चलता है कि फंड ने सही तुलना वाले इंडेक्स से बेहतर किया या नहीं |
रिस्कोमीटर | फंड का जोखिम स्तर दिखाता है |
एक्सपेंस रेशियो | फंड चलाने के लिए हर साल लिया जाने वाला खर्च दिखाता है |
पोर्टफोलियो | बताता है कि फंड ने पैसा कहां लगाया है |
एग्जिट लोड | जल्दी पैसा निकालने पर लगने वाला चार्ज |
रोलिंग रिटर्न | अलग-अलग समय में फंड का प्रदर्शन दिखाता है |
नए निवेशकों के लिए सबसे पहले फंड की कैटेगरी समझना जरूरी है।
स्मॉल कैप, मिड कैप, फ्लेक्सी कैप, लार्ज कैप और हाइब्रिड फंड सभी में जोखिम और निवेश करने का तरीका अलग होता है।
एसआईपी फंड चुनने से पहले क्या-क्या चेक करें?
इस सूची के किसी भी फंड में निवेश करने से पहले उसकी नई जानकारी जरूर देखें।
इन चीजों को चेक करें:
- नया फैक्टशीट
- स्कीम इंफॉर्मेशन डॉक्यूमेंट
- की इंफॉर्मेशन मेमोरेंडम
- बेंचमार्क
- एक्सपेंस रेशियो
- पोर्टफोलियो
- एयूएम
- एग्जिट लोड
- रिस्कोमीटर
सेबी की तरफ से म्यूचुअल फंड की कैटेगरी, रिस्कोमीटर और दूसरे नियमों के बारे में भी जानकारी दी जाती है।
डायरेक्ट और रेगुलर प्लान की तुलना बिना समझे नहीं करनी चाहिए।
डायरेक्ट प्लान में आमतौर पर रेगुलर प्लान के मुकाबले खर्च कम होता है।
इस सूची में रेगुलर ग्रोथ प्लान का इस्तेमाल किया गया है। इसलिए अगर आप बाद में नए रिटर्न की तुलना करें, तो उसी तरह के प्लान से तुलना करना बेहतर है।
स्मॉल कैप और मिड कैप फंड इस सूची में आगे क्यों हैं?
इस टॉप 10 सूची में ज्यादातर फंड स्मॉल कैप और मिड कैप कैटेगरी के हैं।
स्मॉल कैप फंड अपना ज्यादातर पैसा छोटी लिस्टेड कंपनियों में लगाते हैं।
मिड कैप फंड मध्यम आकार की लिस्टेड कंपनियों में निवेश करते हैं।
अच्छे बाजार में छोटी और मिड-साइज कंपनियां बड़ी कंपनियों के मुकाबले तेजी से बढ़ सकती हैं।
इसी वजह से इन फंड में ज्यादा रिटर्न की संभावना हो सकती है।
लेकिन इनके साथ जोखिम भी ज्यादा होता है।
कमजोर बाजार में इन फंड की वैल्यू तेजी से गिर सकती है।
छोटी कंपनियों में:
- शेयर खरीदने-बेचने में मुश्किल हो सकती है
- कारोबार पर दबाव जल्दी आ सकता है
- शेयर की कीमत ज्यादा तेजी से बदल सकती है
इसलिए ज्यादा एक्सआईआरआर देखकर सिर्फ एक सवाल पूछना जरूरी है:
अगर आपका फंड लंबे समय तक नीचे रहता है, तो क्या आप अपनी एसआईपी जारी रख पाएंगे?
स्मॉल कैप, मिड कैप और फ्लेक्सी कैप फंड में अंतर
फंड का प्रकार | मतलब | जोखिम | किसके लिए सही हो सकता है? |
स्मॉल कैप फंड | मुख्य रूप से छोटी लिस्टेड कंपनियों में निवेश | ज्यादा | लंबे समय के लक्ष्य और ज्यादा जोखिम सहने वाले निवेशक |
मिड कैप फंड | मुख्य रूप से मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश | ज्यादा | बाजार के उतार-चढ़ाव को संभाल सकने वाले निवेशक |
फ्लेक्सी कैप फंड | लार्ज, मिड और स्मॉल कैप सभी में निवेश कर सकता है | पोर्टफोलियो पर निर्भर | अलग-अलग आकार की कंपनियों में निवेश चाहने वाले निवेशक |
इस टॉप 10 सूची में पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड अकेला फ्लेक्सी कैप फंड है।
फ्लेक्सी कैप फंड में फंड मैनेजर को अलग-अलग आकार की कंपनियों में निवेश करने की आजादी होती है।
नए निवेशकों के लिए फ्लेक्सी कैप फंड को समझना कई बार स्मॉल कैप फंड के मुकाबले आसान हो सकता है, क्योंकि इसमें पैसा सिर्फ एक ही तरह की कंपनियों तक सीमित नहीं रहता।
एसआईपी एक्सआईआरआर और सीएजीआर में अंतर
एसआईपी, एक्सआईआरआर और सीएजीआर एक ही चीज नहीं हैं।
एक्सआईआरआर तब इस्तेमाल किया जाता है जब पैसा अलग-अलग तारीखों पर निवेश किया गया हो।
इसीलिए इसे एसआईपी के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
आपकी पहली एसआईपी किस्त को बढ़ने के लिए आखिरी किस्त के मुकाबले ज्यादा समय मिलता है।
सीएजीआर आमतौर पर तब इस्तेमाल किया जाता है जब एक बार में पूरी रकम एक तय समय के लिए निवेश की गई हो।
रिटर्न मापने का तरीका | किसके लिए इस्तेमाल होता है? | आसान मतलब |
एक्सआईआरआर | एसआईपी और अलग-अलग तारीखों पर निवेश | अलग निवेश तारीखों को ध्यान में रखकर सालाना रिटर्न |
सीएजीआर | लंप सम निवेश | शुरुआत से आखिर तक हर साल की औसत बढ़त |
एसआईपी रिटर्न की तुलना के लिए एक्सआईआरआर ज्यादा उपयोगी है।
₹10,000 महीने की एसआईपी का 10 साल का उदाहरण
मान लेते हैं कि कोई निवेशक हर महीने ₹10,000 की एसआईपी शुरू करता है।
10 साल में कुल निवेश:
₹10,000 × 12 × 10 = ₹12,00,000
अब देखें कि अलग-अलग एक्सआईआरआर पर यह रकम लगभग कितनी हो सकती है:
एसआईपी का उदाहरण | हर महीने की एसआईपी | 10 साल का एक्सआईआरआर | लगभग वैल्यू |
सामान्य लंबे समय की एसआईपी का उदाहरण | ₹10,000 | 20% | लगभग ₹33.91 लाख |
क्वांट स्मॉल कैप के रिटर्न के स्तर पर | ₹10,000 | 24.54% | लगभग ₹43.22 लाख |
पराग पारिख फ्लेक्सी कैप के रिटर्न के स्तर पर | ₹10,000 | 19.48% | लगभग ₹32.98 लाख |
ये आंकड़े सिर्फ अनुमान हैं।
असली रकम इन चीजों के कारण बदल सकती है:
- एसआईपी की तारीख
- एनएवी में बदलाव
- एक्सपेंस रेशियो
- एग्जिट लोड
- टैक्स
- बाजार की स्थिति
फंड की सूची देखने के बाद आप एसआईपी कैलकुलेटर का इस्तेमाल करके अपनी एसआईपी की रकम चेक कर सकते हैं।
उसमें हर महीने का निवेश, अनुमानित रिटर्न और समय डालने पर आपको कुल निवेश, अनुमानित रिटर्न और आखिर की रकम का अंदाजा मिलता है।
इस आंकड़े को सिर्फ अनुमान मानें, पक्के रिटर्न की गारंटी नहीं।
रोलिंग रिटर्न भी क्यों जरूरी हैं?
10 साल का एसआईपी एक्सआईआरआर सिर्फ एक पुराने समय का रिटर्न दिखाता है।
यह नहीं बताता कि अलग-अलग समय पर शुरू की गई एसआईपी में फंड का प्रदर्शन कैसा रहा।
इस समस्या को समझने में रोलिंग रिटर्न मदद करते हैं।
उदाहरण के लिए, 5 साल का रोलिंग रिटर्न अलग-अलग तारीखों से शुरू हुए कई 5 साल के समय में फंड का प्रदर्शन दिखाता है।
इससे यह समझने में मदद मिलती है कि अलग-अलग बाजार के समय में फंड ने कैसा प्रदर्शन किया।
निवेश से पहले देखें:
- 3 साल का रोलिंग रिटर्न
- 5 साल का रोलिंग रिटर्न
- बेंचमार्क से तुलना
- उसी कैटेगरी के दूसरे फंड से तुलना
- कमजोर बाजार में कितनी गिरावट आई
अगर कोई फंड अलग-अलग समय में लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है, तो उसे समझना आसान हो सकता है बजाय ऐसे फंड के जिसने सिर्फ एक खास समय में बहुत अच्छा रिटर्न दिया हो।
एसआईपी रिटर्न और लंप सम रिटर्न में अंतर
- एसआईपी में आप तय रकम नियमित रूप से निवेश करते हैं।
- लंप सम में पूरी रकम एक साथ निवेश की जाती है।
- नए निवेशकों के लिए एसआईपी आसान हो सकती है क्योंकि पैसा अलग-अलग बाजार स्तर पर निवेश होता है।
- आपको यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ती कि पूरी रकम लगाने के लिए आज सही दिन है या नहीं।
- हालांकि, एसआईपी बाजार का जोखिम खत्म नहीं करती।
- अगर फंड का पोर्टफोलियो गिरता है, तो आपकी एसआईपी की वैल्यू भी गिर सकती है।
- अगर लंप सम निवेश के बाद बाजार बढ़ता है, तो अच्छा फायदा मिल सकता है।
- लेकिन पूरी रकम एक ही समय पर निवेश होने के कारण सही समय चुनने का जोखिम ज्यादा होता है।
- नौकरी करने वाले लोगों और नए निवेशकों के लिए एसआईपी जारी रखना अक्सर आसान होता है क्योंकि यह हर महीने की कमाई के हिसाब से की जा सकती है।
बजट 2024 के बाद इक्विटी म्यूचुअल फंड पर टैक्स
जब आप म्यूचुअल फंड यूनिट बेचकर पैसा निकालते हैं, तो टैक्स आपके हाथ में आने वाली अंतिम रकम पर असर डाल सकता है।
इक्विटी म्यूचुअल फंड में हर एसआईपी किस्त का होल्डिंग पीरियड अलग-अलग माना जाता है।
आसान भाषा में:
- 12 महीने या उससे कम समय तक रखी यूनिट को शॉर्ट-टर्म माना जाता है
- 12 महीने से ज्यादा समय तक रखी यूनिट को लॉन्ग-टर्म माना जाता है
- 23 जुलाई 2024 या उसके बाद हुए ट्रांसफर पर सेक्शन 111A के तहत शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन पर 20% टैक्स लगता है
- सेक्शन 112A के तहत लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर लागू छूट सीमा से ऊपर 12.5% टैक्स लगता है
बड़ी एसआईपी पोर्टफोलियो से पैसा निकालने से पहले नए टैक्स नियम जरूर चेक करें या टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लें।
नए निवेशकों को इस सूची से फंड कैसे चुनना चाहिए?
सिर्फ पहले नंबर पर मौजूद फंड देखकर निवेश शुरू न करें।
सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करें।
अगर आपको 2 या 3 साल में पैसे की जरूरत है, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश ज्यादा जोखिम वाला हो सकता है।
अगर आपका लक्ष्य 7 से 10 साल या उससे ज्यादा दूर है, तो अपनी जोखिम सहने की क्षमता देखने के बाद इक्विटी एसआईपी पर विचार किया जा सकता है।
नए निवेशक इस क्रम से फंड चुन सकते हैं:
- अपना लक्ष्य और निवेश का समय तय करें
- सही फंड कैटेगरी चुनें
- रिस्कोमीटर देखें
- फंड के रिटर्न की सही बेंचमार्क से तुलना करें
- एक्सपेंस रेशियो और एग्जिट लोड देखें
- पोर्टफोलियो चेक करें
- ऐसी एसआईपी रकम से शुरुआत करें जिसे हर महीने आसानी से जारी रख सकें
नए निवेशकों को किन गलतियों से बचना चाहिए?
1. सिर्फ टॉप फंड के पीछे भागना –
पहले नंबर पर मौजूद फंड हर निवेशक के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं है।
2. फंड की कैटेगरी को नजरअंदाज करना –
स्मॉल कैप, मिड कैप और फ्लेक्सी कैप फंड का जोखिम एक जैसा नहीं होता।
3. डायरेक्ट और रेगुलर प्लान की गलत तुलना –
डायरेक्ट प्लान में आमतौर पर रेगुलर प्लान के मुकाबले एक्सपेंस रेशियो कम होता है।
इसलिए हमेशा एक जैसे प्लान की तुलना करें।
4. तय रिटर्न की उम्मीद करना –
20% एक्सआईआरआर का मतलब यह नहीं है कि फंड ने हर साल 20% रिटर्न दिया।
रिटर्न हर साल अलग-अलग हो सकता है।
5. हर गिरावट में एसआईपी बंद कर देना –
इक्विटी फंड की वैल्यू कम समय में गिर सकती है।
हर बार बाजार गिरने पर एसआईपी रोकना आपके लंबे समय के निवेश को प्रभावित कर सकता है।
6. बहुत सारे एक जैसे फंड खरीदना –
ज्यादा फंड होने का मतलब हमेशा बेहतर तरीके से पैसा अलग-अलग जगह लगा होना नहीं है।
कई फंड एक जैसे स्टॉक्स में निवेश कर सकते हैं।
निष्कर्ष
यह सूची दिखाती है कि लंबे समय तक एसआईपी के जरिए पैसा कैसे बढ़ सकता है।
अगर कोई फंड अलग-अलग बाजार के समय में अच्छा प्रदर्शन करता है, तो ₹10,000 महीने की एसआईपी 10 साल में अच्छी रकम बन सकती है।
लेकिन सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला फंड हमेशा आपके लिए सबसे सही फंड नहीं होता।
इस सूची में क्वांट स्मॉल कैप फंड 10 साल के एसआईपी एक्सआईआरआर के आधार पर पहले स्थान पर रहा, लेकिन यह ज्यादा जोखिम वाली स्मॉल कैप कैटेगरी में आता है।
इस सूची का इस्तेमाल सिर्फ कुछ फंड चुनने की शुरुआत के लिए करें।
एसआईपी शुरू करने से पहले देखें:
- फंड की कैटेगरी
- जोखिम
- बेंचमार्क
- एक्सपेंस रेशियो
- एग्जिट लोड
- रोलिंग रिटर्न
- पोर्टफोलियो की क्वालिटी
आपके लिए सबसे अच्छा एसआईपी फंड वही है जो आपके लक्ष्य, निवेश के समय और बाजार के उतार-चढ़ाव सहने की क्षमता के हिसाब से सही हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इस ब्लॉग में इस्तेमाल किए गए 10 साल के एसआईपी एक्सआईआरआर के आंकड़ों के अनुसार, क्वांट स्मॉल कैप फंड 24.54% एक्सआईआरआर के साथ पहले स्थान पर रहा।
इसके बाद निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड 23.01% एक्सआईआरआर के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
नहीं।
एसआईपी का रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
पुराने रिटर्न भविष्य में उसी तरह का रिटर्न मिलने की गारंटी नहीं देते।
एक्सआईआरआर सालाना रिटर्न मापने का तरीका है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब पैसा अलग-अलग तारीखों पर निवेश किया गया हो।
एसआईपी में हर महीने की किस्त अलग तारीख पर निवेश होती है, इसलिए उसके रिटर्न को समझने के लिए एक्सआईआरआर उपयोगी होता है।
नए निवेशकों को स्मॉल कैप फंड में तभी निवेश करने पर विचार करना चाहिए जब वे ज्यादा जोखिम को समझते हों और उनका निवेश लंबे समय के लिए हो।
स्मॉल कैप फंड ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन बाजार गिरने पर इनमें बड़ी गिरावट भी आ सकती है।
नहीं।
पुराना रिटर्न सिर्फ एक चीज है।
इसके साथ ये भी देखें:
- जोखिम
- फंड कैटेगरी
- एक्सपेंस रेशियो
- एयूएम
- बेंचमार्क
- पोर्टफोलियो
- एग्जिट लोड
- टैक्स का असर
- क्या फंड आपके लक्ष्य के हिसाब से सही है
इन सभी बातों को देखकर ही एसआईपी के लिए म्यूचुअल फंड चुनना बेहतर है।

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