बजट 2025: अब से क्या सस्ता होगा और क्या महंगा?
News by Aliceblue News Desk
03 Feb 2025

केंद्रीय बजट 2025 की प्रमुख बातें
बजट 2025 का उद्देश्य भारत की आर्थिक प्रगति को गति देना और सभी वर्गों का समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। यह घरेलू खर्च को बढ़ावा देने, मध्यम वर्ग को मजबूत करने और कृषि, विनिर्माण, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है।
व्यक्तिगत कर राहत के उपाय
इस बजट का एक बड़ा फैसला ₹12 लाख तक की वार्षिक आय को नए कर प्रणाली के तहत कर-मुक्त करना है। सैलरीड कर्मचारियों को ₹75,000 के मानक कटौती (Standard Deduction) का लाभ मिलेगा। इससे ₹12.75 लाख तक की आय प्रभावी रूप से कर-मुक्त होगी। इससे लोगों की डिस्पोजेबल इनकम (खर्च करने योग्य आय) बढ़ेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
क्या हुआ सस्ता?
दवाइयां और मेडिकल उपकरण:
- 36 जीवनरक्षक कैंसर दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी हटा दी गई।
- 6 आवश्यक दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 5% कर दी गई।
इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा:
- LCD/LED पैनल के ओपन सेल और कंपोनेंट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी घटकर 5% हुई।
- सौर PV सेल, मोटर, विंड टरबाइन और बैटरी जैसे स्वच्छ ऊर्जा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया गया।
क्रिटिकल मिनरल्स:
- कोबाल्ट पाउडर, लिथियम-आयन बैटरी वेस्ट और अन्य 12 महत्वपूर्ण खनिजों पर कस्टम ड्यूटी छूट दी गई।
समुद्री क्षेत्र:
- फिश पाश्चराइज़ प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी 30% से घटाकर 5% की गई।
- फ्रोजन मछली पर कस्टम ड्यूटी 30% से घटाकर 5% की गई।
- फिश हाइड्रो लाइसेंस पर ड्यूटी 15% से घटाकर 5% कर दी गई।
चमड़ा और कपड़ा उद्योग:
- वेट ब्लू और क्रस्ट लेदर के आयात पर कस्टम ड्यूटी छूट।
- नए चमड़ा और फुटवियर योजना से 22 लाख नौकरियां और ₹4 लाख करोड़ का राजस्व लक्ष्य।
पर्यटन:
- चुनिंदा पर्यटकों को वीज़ा-फ्री सुविधा दी जाएगी, जिससे इनबाउंड ट्रैवल को बढ़ावा मिलेगा।
जहाज निर्माण:
- शिपबिल्डिंग के लिए कच्चे माल पर अगले 10 वर्षों तक कस्टम ड्यूटी छूट दी गई।
टेलीकॉम:
- कैARRIER-ग्रेड ईथरनेट स्विच पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% की गई।
ईवी और मोबाइल:
- ईवी बैटरी निर्माण के लिए 35 और मोबाइल फोन बैटरी निर्माण के लिए 28 उत्पाद कस्टम ड्यूटी मुक्त सूची में जोड़े गए।
क्या हुआ महंगा?
इलेक्ट्रॉनिक्स:
- फ्लैट पैनल डिस्प्ले पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10% से बढ़ाकर 20% कर दी गई।
बुने हुए कपड़े (Knitted Fabrics):
- बुने हुए कपड़ों पर कस्टम ड्यूटी 10% से बढ़ाकर 20% कर दी गई।
कस्टम ड्यूटी में बदलाव:
- प्रोविजनल असेसमेंट की समय सीमा अब केवल 2 वर्ष तक सीमित होगी, जिससे कस्टम क्लियरेंस तेजी से हो सकेगा।
- 2023-24 के बजट में 7 टैरिफ दरें हटाई गई थीं, अब 7 और दरें हटाई जाएंगी।
- 82 टैरिफ लाइनों पर सामाजिक कल्याण अधिभार (Social Welfare Surcharge) समाप्त किया गया है।
आयकर:
- ITR दाखिल करने की सीमा 2 से बढ़ाकर 4 साल कर दी गई।
- LRS (Liberalised Remittance Scheme) के तहत विदेश में भेजी जाने वाली राशि पर TCS की सीमा ₹7 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दी गई।
- TDS की सीमा किराए पर ₹6 लाख तक बढ़ाई गई।
- किसान क्रेडिट कार्ड के तहत लोन की सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई।
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दीर्घकालिक औद्योगिक विकास समर्थन:
- R&D, MSMEs और कैपिटल गुड्स सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया।
- बीमा क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को मंजूरी, जिसके लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
अस्वीकरण: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। इसमें उल्लिखित कंपनियों की जानकारी समय के साथ बदल सकती है। यहां बताए गए स्टॉक्स केवल उदाहरण के लिए हैं, निवेश की अनुशंसा नहीं की गई है।

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