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Cover Order Meaning In Hindi

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कवर ऑर्डर का मतलब – What is Cover Order in Hindi

कवर ऑर्डर एक प्रकार का ट्रेडिंग ऑर्डर है, जिसमें निवेशक एक साथ मार्केट ऑर्डर और स्टॉप-लॉस ऑर्डर लगाता है। इसका उद्देश्य संभावित नुकसान को सीमित करना और जोखिम को नियंत्रित करना है।

इसमें स्टॉप-लॉस अनिवार्य होता है, जिससे यदि बाजार विपरीत दिशा में जाए, तो नुकसान तय सीमा से अधिक नहीं होता। कवर ऑर्डर विशेष रूप से इंट्राडे ट्रेडिंग में उपयोगी है, जहां ट्रेडर्स कम जोखिम के साथ लाभ कमाना चाहते हैं। यह उच्च जोखिम-प्रतिरोधी निवेशकों के लिए उपयुक्त है।

Table of Contents

कवर ऑर्डर (CO) मतलब शेयर बाजार में – Cover Order Meaning In Hindi

कवर ऑर्डर (CO) शेयर बाजार में एक ऐसा ट्रेडिंग ऑर्डर है, जिसमें निवेशक एक साथ मार्केट ऑर्डर या लिमिट ऑर्डर और स्टॉप-लॉस ऑर्डर लगाता है। इसका मुख्य उद्देश्य संभावित नुकसान को सीमित करना और ट्रेडिंग के दौरान जोखिम को नियंत्रित करना है।

कवर ऑर्डर का उपयोग आमतौर पर इंट्राडे ट्रेडिंग में किया जाता है। इसमें स्टॉप-लॉस अनिवार्य होता है, जो बाजार की अनिश्चितता के बावजूद नुकसान को एक निश्चित सीमा तक नियंत्रित करता है। यह ऑर्डर उन निवेशकों के लिए फायदेमंद है, जो कम जोखिम के साथ ट्रेडिंग करना चाहते हैं।

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कवर ऑर्डर का उदाहरण – Example of Cover Order in Hindi 

मान लीजिए, आप इन्फोसिस के शेयर वर्तमान में ₹1,000 प्रति शेयर के भाव पर खरीदना चाहते हैं। कवर ऑर्डर का उपयोग करते हुए, आप ₹1,000 पर खरीद ऑर्डर लगाते हैं और साथ ही ₹990 पर स्टॉप-लॉस ऑर्डर सेट करते हैं। इस प्रकार, यदि शेयर की कीमत ₹990 तक गिरती है, तो स्टॉप-लॉस ऑर्डर सक्रिय हो जाएगा, जिससे आपका नुकसान प्रति शेयर ₹10 तक सीमित रहेगा। यह रणनीति संभावित नुकसान को नियंत्रित करने में सहायक होती है।

कवर ऑर्डर कैसे काम करता है? – How Does a Cover Order Work in Hindi

कवर ऑर्डर एक ट्रेडिंग रणनीति है, जिसमें निवेशक एक साथ दो ऑर्डर देते हैं: पहला, स्टॉक को खरीदने या बेचने का मुख्य ऑर्डर, और दूसरा, स्टॉप-लॉस ऑर्डर, जो संभावित नुकसान को सीमित करने के लिए होता है। यह प्रक्रिया स्वचालित रूप से जोखिम प्रबंधन में सहायक होती है।

  • ऑर्डर देना: निवेशक पहले उस स्टॉक का चयन करता है जिसे वह ट्रेड करना चाहता है और तय करता है कि खरीदना है या बेचना। इसके साथ ही, स्टॉप-लॉस प्राइस निर्धारित की जाती है, जो उस स्तर को दर्शाती है जहां नुकसान को सीमित किया जाएगा। 
  • ऑर्डर निष्पादन: मुख्य ऑर्डर (खरीद या बिक्री) बाजार में निष्पादित होता है। साथ ही, स्टॉप-लॉस ऑर्डर भी सिस्टम में दर्ज हो जाता है, जो स्वचालित रूप से सक्रिय होगा यदि स्टॉक की कीमत निर्धारित स्टॉप-लॉस स्तर तक पहुंचती है। 
  • ट्रेड के दौरान: यदि स्टॉक की कीमत निवेशक के पक्ष में बढ़ती है, तो लाभ की संभावना होती है। यदि कीमत विपरीत दिशा में जाती है और स्टॉप-लॉस स्तर तक पहुंचती है, तो स्टॉप-लॉस ऑर्डर सक्रिय होकर पोजीशन को बंद कर देता है, जिससे नुकसान सीमित रहता है।

ट्रेडिंग में कवर ऑर्डर का महत्व – Importance of Cover Order in Hindi 

कवर ऑर्डर ट्रेडिंग में एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो जोखिम प्रबंधन और ट्रेडिंग दक्षता को बढ़ाता है। इसका उपयोग विशेष रूप से इंट्राडे ट्रेडिंग में किया जाता है।

  • जोखिम को सीमित करना: कवर ऑर्डर में स्टॉप-लॉस अनिवार्य होता है, जिससे ट्रेडिंग के दौरान नुकसान की सीमा तय की जा सकती है। यह अनिश्चित बाजार स्थितियों में जोखिम को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • स्वचालित निष्पादन: कवर ऑर्डर स्वचालित रूप से स्टॉप-लॉस स्तर पर सक्रिय हो जाता है, जिससे निवेशकों को मैन्युअल रूप से बाजार पर निगरानी रखने की आवश्यकता नहीं होती।
  • पूंजी संरक्षण: नुकसान को सीमित करके, कवर ऑर्डर ट्रेडिंग पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित करता है और इसे भविष्य के ट्रेडों के लिए संरक्षित रखता है।
  • उच्च लाभ मार्जिन की संभावना: कवर ऑर्डर निवेशकों को कम पूंजी के साथ उच्च मार्जिन पर ट्रेड करने की अनुमति देता है, जिससे अधिक लाभ की संभावना बढ़ती है।
  • मानसिक शांति: कवर ऑर्डर निवेशकों को बाजार की अस्थिरता के बावजूद मानसिक शांति प्रदान करता है, क्योंकि वे जानते हैं कि उनका नुकसान नियंत्रित है।

कवर ऑर्डर के प्रकार – Types Of Cover Order In Hindi

कवर ऑर्डर (Cover Order) शेयर बाजार में जोखिम प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो दो प्रकार के होते हैं:

  1. लॉन्ग कवर ऑर्डर (Long Cover Order): यह ऑर्डर तब दिया जाता है जब ट्रेडर को उम्मीद होती है कि स्टॉक की कीमत बढ़ेगी। इसमें स्टॉक को एक निश्चित मूल्य पर खरीदा जाता है और संभावित नुकसान को सीमित करने के लिए खरीद मूल्य से नीचे एक स्टॉप-लॉस ऑर्डर सेट किया जाता है।
  1. शॉर्ट कवर ऑर्डर (Short Cover Order): यह ऑर्डर तब दिया जाता है जब ट्रेडर को उम्मीद होती है कि स्टॉक की कीमत गिरेगी। इसमें स्टॉक को एक निश्चित मूल्य पर बेचा जाता है और संभावित नुकसान को सीमित करने के लिए बिक्री मूल्य से ऊपर एक स्टॉप-लॉस ऑर्डर सेट किया जाता है।

कवर ऑर्डर के लाभ – Advantages of Cover Order In Hindi 

कवर ऑर्डर ट्रेडिंग में एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो निवेशकों को जोखिम कम करने और ट्रेडिंग अनुभव को सुरक्षित बनाने में मदद करता है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  • जोखिम नियंत्रण: कवर ऑर्डर में स्टॉप-लॉस अनिवार्य होता है, जिससे संभावित नुकसान को एक निश्चित सीमा तक सीमित किया जा सकता है। यह अनिश्चित बाजार स्थितियों में उपयोगी होता है।
  • पूंजी संरक्षण: नुकसान की सीमा तय होने से आपकी ट्रेडिंग पूंजी सुरक्षित रहती है, जिससे आप भविष्य में अन्य ट्रेडिंग अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।
  • उच्च मार्जिन उपलब्धता: कवर ऑर्डर के साथ, निवेशकों को कम पूंजी के साथ अधिक मात्रा में ट्रेडिंग करने का मौका मिलता है, जिससे उच्च लाभ मार्जिन प्राप्त हो सकता है।
  • स्वचालित निष्पादन: कवर ऑर्डर में स्टॉप-लॉस ऑर्डर स्वचालित रूप से सक्रिय होता है, जिससे ट्रेडर को बाजार की लगातार निगरानी करने की आवश्यकता नहीं होती।
  • मानसिक शांति: यह निवेशकों को आश्वस्त करता है कि उनके नुकसान नियंत्रित रहेंगे, जिससे वे बाजार की अस्थिरता के बावजूद शांत और केंद्रित रह सकते हैं।

कवर ऑर्डर के नुकसान – Disadvantages of Cover Order In Hindi 

कवर ऑर्डर ट्रेडिंग में जोखिम को नियंत्रित करने का एक प्रभावी तरीका है, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं। निम्नलिखित इसके प्रमुख नुकसान हैं:

  • स्टॉप-लॉस के कारण सीमित लचीलापन: कवर ऑर्डर में स्टॉप-लॉस अनिवार्य होने के कारण ट्रेडर को बाजार में अचानक बदलाव का लाभ लेने का मौका कम मिलता है।
  • जटिलता बढ़ना: यह नई ट्रेडिंग करने वालों के लिए थोड़ा जटिल हो सकता है, क्योंकि इसमें एक साथ दो ऑर्डर (मुख्य और स्टॉप-लॉस) लगाने होते हैं।
  • मार्केट वोलैटिलिटी का प्रभाव: बाजार की अस्थिरता के दौरान स्टॉप-लॉस जल्दी ट्रिगर हो सकता है, जिससे संभावित लाभ का मौका हाथ से निकल सकता है।
  • केवल इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए उपयुक्त: कवर ऑर्डर केवल इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध है, जिससे दीर्घकालिक निवेशक इसे उपयोग नहीं कर सकते।
  • उच्च मार्जिन जोखिम: उच्च मार्जिन की सुविधा देते समय, गलत ट्रेडिंग निर्णय होने पर नुकसान भी अधिक हो सकता है।

कवर ऑर्डर कैसे दें?

कवर ऑर्डर (Cover Order) एक प्रकार का ट्रेडिंग ऑर्डर है, जो जोखिम को सीमित करने के लिए स्टॉप-लॉस के साथ मार्केट या लिमिट ऑर्डर को जोड़ता है। Alice Blue प्लेटफ़ॉर्म पर कवर ऑर्डर देने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  • अपने यूज़रनेम और पासवर्ड का उपयोग करके Alice Blue की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें।
  • लॉगिन करने के बाद, ‘ANT Web’ या ‘ANT Mobi’ जैसे उपलब्ध ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म में से किसी एक का चयन करें।
  • उस स्टॉक या F&O स्क्रिप को खोजें जिसे आप ट्रेड करना चाहते हैं।
  • ‘बाय’ (खरीद) या ‘सेल’ (बिक्री) विकल्प का चयन करें, जो आपकी ट्रेडिंग रणनीति पर निर्भर करता है।
  • ऑर्डर विंडो में, ‘ऑर्डर टाइप’ के अंतर्गत ‘कवर ऑर्डर (CO)’ का चयन करें।
  • निर्धारित करें कि आप ‘मार्केट ऑर्डर’ (वर्तमान बाजार मूल्य पर) या ‘लिमिट ऑर्डर’ (आपके द्वारा निर्धारित मूल्य पर) लगाना चाहते हैं।
    • मात्रा: ट्रेड की जाने वाली शेयरों की संख्या दर्ज करें।
    • कीमत: यदि आपने ‘लिमिट ऑर्डर’ चुना है, तो वह मूल्य दर्ज करें जिस पर आप ट्रेड करना चाहते हैं।
    • स्टॉप-लॉस ट्रिगर प्राइस: वह मूल्य दर्ज करें जिस पर स्टॉप-लॉस ऑर्डर सक्रिय होगा, जिससे संभावित नुकसान सीमित रहेगा।
  • सभी विवरणों की समीक्षा करें और ‘सबमिट’ या ‘कन्फर्म’ बटन पर क्लिक करके ऑर्डर को प्लेस करें।

कवर ऑर्डर को कैसे स्क्वायर ऑफ करें?

कवर ऑर्डर देने के तीन तरीके हैं।

  • जब आपका ट्रिगर मूल्य मारा जाता है।
  • जब आपका स्टॉप लॉस ट्रिगर हो जाता है।
  • यदि उपरोक्त विकल्पों में से कोई भी प्राप्त नहीं होता है, तो बाजार बंद होने से पहले सिस्टम स्थिति को बंद कर देता है। बाजारों के नीचे विशिष्ट समय हैं
  1. एनएसई फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस – दोपहर 3:15 बजे
  2. एनएसई फॉरेक्स फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस – शाम 4:45 बजे
  3. एमसीएक्स – रात 11:30 बजे
  4. समय, फिर से, ब्रोकर से ब्रोकर में भिन्न होता है।

आर्डर टाइप के बारे में और भी बहुत कुछ सीखने और अन्वेषण करें। इन विषयों को समझने के लिए, नीचे दिए गए लेखों पर क्लिक करें।

आर्डर टाइप के बारे में और भी बहुत कुछ सीखने और अन्वेषण करें। इन विषयों को समझने के लिए, नीचे दिए गए लेखों पर क्लिक करें।

CNC और MIS ऑर्डर का अंतर
CNC का क्या मतलब होता है
MIS क्या होता है
आफ्टर मार्केट ऑर्डर
ब्रैकेट ऑर्डर क्या है
लिमिट ऑर्डर क्या है
मार्केट बनाम लिमिट ऑर्डर

कवर ऑर्डर का मतलब – त्वरित सारांश

  • एक कवर ऑर्डर (CO) एक प्रकार का ऑर्डर है जिसमें जोखिम-शमन कार्य शामिल होता है। सीधे शब्दों में कहें, एक कवर ऑर्डर एक मार्केट ऑर्डर या स्टॉप-लॉस के साथ संयुक्त एक लिमिट ऑर्डर है। क्योंकि एक स्टॉप-लॉस ऑर्डर जारी किया जाता है, यदि लेन-देन आपके विरुद्ध झूलता है तो आपको अधिकतम नुकसान उठाना पड़ेगा।
  • कवर ऑर्डर आपको एक ही स्क्रिप के लिए एक साथ दो विरोधी ऑर्डर देने में सक्षम बनाता है। पहला ऑर्डर मार्केट ऑर्डर है, जबकि दूसरा ऑर्डर स्टॉप लॉस ट्रिगर प्राइस (एसएलटीपी) और लिमिट प्राइस सेट करता है।
  • क्योंकि आप स्टॉप लॉस ऑर्डर एक साथ रखते हैं, जैसे ही आप एक स्थिति लेते हैं, जोखिम तुरंत कम हो जाता है।
  • ऐलिस ब्लू पर कवर ऑर्डर केवल फ्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट के लिए उपलब्ध हैं, न कि इक्विटी के लिए।
  • कवर ऑर्डर में स्टॉप-लॉस के कारण लचीलापन कम होता है। यह केवल इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध है, और वोलैटिलिटी के दौरान जल्दी सक्रिय हो सकता है।
  • Alice Blue जैसे प्लेटफॉर्म पर लॉगिन करें, स्टॉक चुनें, ‘कवर ऑर्डर’ विकल्प पर क्लिक करें, स्टॉप-लॉस और ट्रेडिंग मात्रा सेट करें, और ऑर्डर सबमिट करें।
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कवर ऑर्डर के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. कवर ऑर्डर में स्टॉप-लॉस कैसे सेट करें?

कवर ऑर्डर में स्टॉप-लॉस सेट करने के लिए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर ‘कवर ऑर्डर’ विकल्प चुनें। स्टॉक खरीदने या बेचने के लिए मूल्य दर्ज करें और संभावित नुकसान को सीमित करने के लिए स्टॉप-लॉस ट्रिगर मूल्य निर्धारित करें। यह प्रक्रिया स्वचालित जोखिम प्रबंधन सुनिश्चित करती है।

2. कवर ऑर्डर कैसे ट्रेडिंग में मदद करता है?

कवर ऑर्डर जोखिम प्रबंधन को सरल बनाता है। यह संभावित नुकसान को सीमित करने और लाभ को सुरक्षित करने के लिए स्टॉप-लॉस के साथ ट्रेडिंग को संरक्षित करता है। स्वचालित निष्पादन और उच्च मार्जिन सुविधा ट्रेडर्स को अधिक कुशलता से ट्रेड करने में मदद करती है।

3. कवर ऑर्डर सामान्य ऑर्डर से क्या अलग होते हैं?

सामान्य ऑर्डर में स्टॉप-लॉस आवश्यक नहीं होता, जबकि कवर ऑर्डर में स्टॉप-लॉस अनिवार्य है। कवर ऑर्डर जोखिम को नियंत्रित करता है और इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए डिज़ाइन किया गया है, जबकि सामान्य ऑर्डर अधिक लचीला लेकिन जोखिम भरा हो सकता है।

4. कवर ऑर्डर की अवधि कितनी होती है?

कवर ऑर्डर की अवधि केवल उसी दिन के लिए होती है। यह इंट्राडे ट्रेडिंग का हिस्सा है और अगर सत्र समाप्त होने तक स्क्वायर ऑफ नहीं किया जाता, तो यह ऑटोमैटिकली क्लोज हो जाता है।

5. कवर ऑर्डर कैसे काम करता है जब बाजार गेप हो जाता है?

यदि बाजार गेप खुलता है और स्टॉप-लॉस प्राइस को पार कर जाता है, तो कवर ऑर्डर स्टॉप-लॉस पर ट्रिगर नहीं होगा। यह स्थिति अधिक नुकसान का कारण बन सकती है, इसलिए ट्रेडिंग के दौरान सावधानी जरूरी है।

6. कवर ऑर्डर केवल सभी प्रकार के शेयरों पर उपलब्ध होते हैं क्या?

कवर ऑर्डर सभी प्रकार के शेयरों पर उपलब्ध नहीं होते। यह मुख्य रूप से फ्यूचर्स, ऑप्शंस, और कुछ विशेष स्टॉक्स के लिए होता है। ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्धता की पुष्टि करना आवश्यक है।

7. कवर ऑर्डर का उपयोग जोखिम प्रबंधन में कैसे होता है?

कवर ऑर्डर स्टॉप-लॉस के माध्यम से संभावित नुकसान को सीमित करता है। यह मार्केट अस्थिरता के दौरान ट्रेडर्स को पूंजी संरक्षण और मानसिक शांति प्रदान करता है। स्वचालित जोखिम प्रबंधन इसे ट्रेडिंग का एक प्रभावी उपकरण बनाता है।

डिस्क्लेमर: उपरोक्त लेख शैक्षिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है, और लेख में उल्लिखित कंपनियों का डेटा समय के साथ बदल सकता है। उद्धृत प्रतिभूतियाँ अनुकरणीय हैं और अनुशंसात्मक नहीं हैं।

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