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FMP Full Form and Meaning Hindi

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FMP का पूरा नाम और अर्थ – What is Fixed Maturity Plan (FMP) in Hindi

FMP का पूरा नाम फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान है। यह एक क्लोज-एंडेड डेट म्यूचुअल फंड स्कीम है, जो तय अवधि (1 माह से 5 वर्ष) के लिए निवेश करती है। यह कॉर्पोरेट बॉन्ड, सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करता है। NFO के दौरान ही निवेश संभव है और इंडेक्सेशन लाभ के साथ टैक्स कुशल विकल्प है, जो स्थिर रिटर्न की तलाश वाले निवेशकों के लिए उपयुक्त है।

Table of Contents

फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान का अर्थ – Fixed Maturity Plan Meaning in Hindi

​FMP का पूरा नाम “फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान” (Fixed Maturity Plan) है। यह एक क्लोज-एंडेड डेट म्यूचुअल फंड स्कीम होती है, जिसमें निवेश एक निर्धारित अवधि के लिए किया जाता है, जो आमतौर पर 1 महीने से 5 वर्षों तक हो सकती है। FMP मुख्य रूप से कॉर्पोरेट बॉन्ड, सरकारी प्रतिभूतियों, वाणिज्यिक पत्रों और जमा प्रमाणपत्रों जैसे डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है, जिनकी परिपक्वता अवधि फंड की अवधि के समान होती है ।

इसका उद्देश्य ब्याज दर जोखिम को कम करते हुए अपेक्षाकृत स्थिर रिटर्न प्रदान करना होता है। FMP में निवेश केवल न्यू फंड ऑफर (NFO) के दौरान ही किया जा सकता है, और परिपक्वता से पहले इसे रिडीम नहीं किया जा सकता, हालांकि कुछ योजनाएँ स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होती हैं, जिससे सीमित तरलता मिलती है । तीन वर्ष या उससे अधिक की अवधि वाले FMP में निवेश करने पर इंडेक्सेशन लाभ के साथ 20% लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लागू होता है, जिससे यह उच्च टैक्स ब्रैकेट वाले निवेशकों के लिए कर-कुशल विकल्प बन जाता है ।

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फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान की विशेषताएँ – Features Of Fixed Maturity Plan in Hindi

फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान (FMP) की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  1. निश्चित अवधि का निवेश: FMP एक क्लोज-एंडेड स्कीम होती है जिसमें निवेश एक निश्चित समय के लिए किया जाता है, जैसे 1, 3 या 5 वर्ष।
  2. डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश: यह योजना मुख्यतः सरकारी बॉन्ड, कॉर्पोरेट डेट और जमा प्रमाणपत्र जैसे डेट उपकरणों में निवेश करती है।
  3. लॉक-इन अवधि: FMP में निवेश पर लॉक-इन अवधि होती है; यानी निवेशक मैच्योरिटी से पहले पैसे नहीं निकाल सकते (सिवाय एक्सचेंज लिस्टिंग के माध्यम से बेचने के)।
  4. कर में छूट का लाभ: 3 साल से अधिक की अवधि वाले FMP पर इंडेक्सेशन के साथ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है, जिससे टैक्स बचत होती है।
  5. कम जोखिम वाला विकल्प: यह म्यूचुअल फंड का अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि यह निश्चित डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है जिससे रिटर्न स्थिर होते हैं।
  6. NFO के माध्यम से निवेश: FMP में निवेश केवल नई फंड पेशकश (New Fund Offer) के समय किया जा सकता है।

FMP के फायदे – Advantages Of Fixed Maturity Plan in Hindi

यहाँ दिए गए हैं फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (FMP) में निवेश करने के प्रमुख फायदे:

  • पूर्व निर्धारित अवधि में स्थिर रिटर्न: FMP में निवेश एक तय अवधि के लिए होता है, जिससे निवेशक को अपेक्षाकृत स्थिर और अनुमानित रिटर्न मिलते हैं।
  • कम जोखिम: FMP डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है, जिससे इसमें इक्विटी की तुलना में जोखिम कम होता है।
  • टैक्स में लाभ: 3 साल या उससे अधिक की अवधि वाले FMP पर इंडेक्सेशन लाभ के साथ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है, जिससे टैक्स में बचत होती है।
  • ब्याज दर जोखिम से सुरक्षा: FMP में निवेश की गई राशि उन इंस्ट्रूमेंट्स में लगाई जाती है जिनकी मैच्योरिटी योजना की अवधि के अनुरूप होती है, जिससे ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का असर कम होता है।
  • विविधता और सुरक्षा: FMP विभिन्न डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है, जिससे पोर्टफोलियो में विविधता आती है और पूंजी की सुरक्षा बनी रहती है।

फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान के नुकसान – Disadvantages Of Fixed Maturity Plan in Hindi

फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (FMP) में निवेश करने से पहले इसके संभावित नुकसान को समझना आवश्यक है:

  • कम रिटर्न की संभावना: FMPs आमतौर पर इक्विटी फंड्स की तुलना में कम रिटर्न प्रदान करते हैं, जिससे उच्च रिटर्न की तलाश करने वाले निवेशकों को निराशा हो सकती है। citeturn0search4
  • लॉक-इन अवधि और तरलता की कमी: FMPs क्लोज-एंडेड होते हैं, जिनमें निवेश की गई राशि को परिपक्वता से पहले निकालना मुश्किल होता है। हालांकि कुछ योजनाएँ स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होती हैं, लेकिन वहाँ तरलता सीमित होती है, जिससे समय से पहले निकासी पर नुकसान हो सकता है।
  • क्रेडिट जोखिम: FMPs उन प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं जिनमें डिफ़ॉल्ट का जोखिम होता है। यदि कोई जारीकर्ता भुगतान में चूक करता है, तो निवेशकों को नुकसान हो सकता है। 
  • ब्याज दर जोखिम: ब्याज दरों में वृद्धि होने पर, FMPs के मौजूदा निवेश कम आकर्षक हो सकते हैं, जिससे निवेशक बेहतर रिटर्न के अवसरों से चूक सकते हैं।
  • गारंटी की कमी: FMPs में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती, और निवेशकों को संभावित नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

FMP पर कर – फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान – Tax On FMP in Hindi

फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (FMP) पर कर नियम निवेश की अवधि पर निर्भर करते हैं:

  1. तीन वर्ष से कम अवधि:  अगर FMP तीन साल से कम समय के लिए हो, तो इससे होने वाले लाभ पर निवेशक की आयकर स्लैब के अनुसार शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स लगता है।
  2. तीन वर्ष या उससे अधिक अवधि: यदि FMP की अवधि तीन साल या उससे अधिक हो, तो इस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स 20% की दर से लागू होता है, जिसमें इंडेक्सेशन का लाभ मिलता है। इंडेक्सेशन से मुद्रास्फीति के अनुसार लागत समायोजित होती है, जिससे टैक्स बोझ कम हो सकता है।
  3. टैक्स डिडक्शन: FMP पर टैक्स भुगतान स्व-घोषणा (self-declaration) के अनुसार होता है, और आम तौर पर स्रोत पर कर कटौती (TDS) नहीं होती। निवेशक को टैक्स खुद भरना होता है।

FMP बनाम एफडी – FMP vs FD Comparison in Hindi

यहाँ फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (FMP) और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के बीच प्रमुख अंतर की तुलना दी गई है:

तुलना बिंदुफिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (FMP)फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)
प्रकृतिम्यूचुअल फंड स्कीम, बाजार से जुड़ाबैंक द्वारा पेश की गई गारंटीड डिपॉजिट योजना
रिटर्न की गारंटीरिटर्न अनुमानित, गारंटी नहींरिटर्न निश्चित और गारंटीड
टैक्स लाभ3 साल से ज्यादा हो तो इंडेक्सेशन के साथ 20% LTCGब्याज पर आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है
तरलता (Liquidity)मैच्योरिटी तक फंड लॉक रहता है, सीमित निकासी सुविधाकुछ FD में प्रीमैच्योर निकासी संभव
जोखिम का स्तरकम लेकिन बाजार जोखिम मौजूदअत्यधिक सुरक्षित, सरकार द्वारा रेग्युलेटेड
रिटर्न की दरFD से अधिक हो सकता है, पर तय नहीं होताफिक्स्ड रिटर्न, वर्तमान दरों के अनुसार 6-8% तक

FMP में जोखिम – Risks In Fixed Maturity Plans in Hindi

फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (FMP) में निवेश से जुड़े प्रमुख जोखिम नीचे दिए गए हैं:

  • क्रेडिट जोखिम (Credit Risk): यदि FMP उन कंपनियों के डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है जिनकी क्रेडिट रेटिंग कमजोर है, तो डिफॉल्ट की संभावना बढ़ जाती है जिससे पूंजी हानि हो सकती है।
  • तरलता जोखिम (Liquidity Risk): FMP क्लोज-एंडेड होते हैं और इन्हें मैच्योरिटी से पहले आसानी से रिडीम नहीं किया जा सकता। स्टॉक एक्सचेंज पर बिक्री का विकल्प होता है, लेकिन वहां पर्याप्त खरीदार न मिलना एक समस्या हो सकती है।
  • ब्याज दर जोखिम (Interest Rate Risk): अगर निवेश की गई अवधि के दौरान बाजार में ब्याज दरें बढ़ जाती हैं, तो मौजूदा निवेश का मूल्य गिर सकता है जिससे अपेक्षित रिटर्न प्रभावित होता है।
  • मार्केट रिस्क (Market Risk): हालांकि FMP डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है, फिर भी बाजार में उतार-चढ़ाव या आर्थिक अस्थिरता के कारण रिटर्न प्रभावित हो सकते हैं।
  • पोर्टफोलियो पारदर्शिता की कमी: FMPs में निवेश की गई प्रतिभूतियों की जानकारी आम तौर पर मैच्योरिटी के बाद ही पूरी तरह मिलती है, जिससे निवेशक को जोखिम की स्पष्ट समझ पहले नहीं हो पाती।

FMP में निवेश कैसे करें? – How To Invest in Fixed Maturity Plans in Hindi

फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (FMP) में निवेश करने के लिए आप Alice Blue जैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। यहाँ FMP में निवेश करने के लिए आवश्यक चरण दिए गए हैं:

  1. FMPs की जानकारी प्राप्त करें: Alice Blue की वेबसाइट पर उपलब्ध विभिन्न FMP योजनाओं की तुलना करें। इनमें उनकी अनुमानित यील्ड, क्रेडिट गुणवत्ता और फंड हाउस की प्रतिष्ठा जैसे कारकों पर ध्यान दें।
  2. NFO अवधि के दौरान निवेश करें: FMPs क्लोज-एंडेड फंड होते हैं, जिनमें निवेश केवल उनकी न्यू फंड ऑफर (NFO) अवधि के दौरान ही किया जा सकता है। इसलिए, जब भी कोई नई FMP योजना लॉन्च हो, तो उसकी NFO अवधि के दौरान निवेश करना सुनिश्चित करें।
  3. Alice Blue पर खाता खोलें: यदि आपका Alice Blue पर खाता नहीं है, तो उनकी वेबसाइट पर जाकर एक खाता खोलें। इसके लिए आपको आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने होंगे और KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
  4. निवेश करें: खाता खोलने और KYC प्रक्रिया पूरी करने के बाद, Alice Blue के प्लेटफ़ॉर्म पर लॉग इन करें और चयनित FMP योजना में निवेश करें। ध्यान दें कि FMPs में निवेश आमतौर पर लंप सम (एकमुश्त) राशि के रूप में किया जाता है।
  5. निवेश की निगरानी करें: FMPs की मैच्योरिटी तक निवेश बनाए रखें, क्योंकि ये योजनाएँ निर्धारित अवधि के लिए होती हैं और समय से पहले निकासी पर रिटर्न प्रभावित हो सकते हैं।

सर्वोत्तम फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान – Best Fixed Maturity Plans List in Hindi

यहाँ 2025 में निवेश के लिए कुछ प्रमुख फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान्स (FMPs) की सूची दी गई है, जो विभिन्न स्रोतों के अनुसार प्रदर्शन, रिटर्न और विश्वसनीयता के आधार पर चयनित हैं:

क्रमांकफंड का नामअनुमानित रिटर्न (1 वर्ष)फंड साइज (₹ करोड़)योजना अवधि (दिन)
1Nippon India Fixed Horizon Fund XLI – Series 8 (Direct Growth)9.86%64.193654
2SBI Fixed Maturity Plan – Series 54 (Direct Growth)8.58%37.321232
3DSP FMP Series – 264 – 60M – 17D (Direct Growth)8.44%50.411837
4ICICI Prudential FMP – Series 88 – 1303 Days Plan S (Direct Growth)8.40%63.551303
5Nippon India Fixed Horizon Fund XLIV – Series 1 (Direct Growth)8.96%73.723652
6SBI Fixed Maturity Plan – Series 64 (Direct Growth)7.49%398.051232
7HDFC FMP 1158D July 2022 (46) (Direct Growth)7.46%164.141158
8Bandhan Fixed Maturity Plan – Series 209 (93 Days) (Direct Growth)0.79%72.5293
9SBI Fixed Maturity Plan – Series 56 (1232 Days) (Regular Growth)7.69%276.871232
10SBI Fixed Maturity Series 41 – 1498 Days (Direct Growth)7.07%9081498

नोट: FMPs में निवेश करने से पहले, योजना के दस्तावेज़ों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और अपनी निवेश अवधि, जोखिम सहनशीलता और वित्तीय लक्ष्यों पर विचार करें।

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फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान क्या है? – त्वरित सारांश

  • FMP एक क्लोज-एंडेड डेट म्यूचुअल फंड है जिसमें निवेश एक तय समय के लिए किया जाता है और यह मुख्यतः डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करता है।
  • FMP में लॉक-इन अवधि, सीमित तरलता, अनुमानित रिटर्न और टैक्स लाभ जैसी विशेषताएँ होती हैं, जो इसे कर-कुशल और कम जोखिम वाला विकल्प बनाती हैं।
  • FMP स्थिर रिटर्न, कम जोखिम, इंडेक्सेशन लाभ, ब्याज दर सुरक्षा और विविध पोर्टफोलियो जैसे फायदे देता है, खासकर उच्च टैक्स ब्रैकेट वाले निवेशकों के लिए।
  • इसमें तरलता की कमी, रिटर्न की गारंटी नहीं, क्रेडिट जोखिम, ब्याज दर जोखिम और सीमित पारदर्शिता जैसी चुनौतियाँ होती हैं, जिससे सावधानी जरूरी है।
  • 3 साल से कम अवधि पर रिटर्न पर सामान्य टैक्स लगता है, जबकि 3 साल से अधिक पर इंडेक्सेशन के साथ 20% LTCG टैक्स लागू होता है।
  • FMP रिटर्न अनुमानित होते हैं और टैक्स में बचत देता है, जबकि FD गारंटीड रिटर्न देता है पर टैक्स प्रभाव अधिक होता है। FMP बाजार आधारित होता है।
  • FMP में क्रेडिट जोखिम, ब्याज दर जोखिम, तरलता की कमी और पारदर्शिता की कमी जैसी जोखिम होते हैं, जिससे रिटर्न प्रभावित हो सकते हैं।
  • FMP में निवेश NFO अवधि के दौरान ही होता है, जिसे Alice Blue जैसे प्लेटफॉर्म के ज़रिए KYC पूरी कर एकमुश्त राशि से किया जा सकता है।
  • मार्च 2025 तक के टॉप FMPs में Nippon, SBI, HDFC, ICICI, और Kotak के प्लान शामिल हैं, जो 8.5%–10% तक अनुमानित रिटर्न देते हैं।
  • KYC पूरा कर Alice Blue जैसे प्लेटफॉर्म पर SIP या एकमुश्त के जरिए मल्टी कैप फंड में ऑनलाइन निवेश शुरू कर सकते हैं और समय-समय पर निवेश की समीक्षा कर सकते हैं।
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फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान-अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लानएं क्या हैं?

फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (FMP) एक क्लोज-एंडेड डेट म्यूचुअल फंड होता है, जिसमें निवेश एक तय समयावधि के लिए किया जाता है। यह योजना सरकारी बॉन्ड, कॉर्पोरेट डेट या अन्य सुरक्षित डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करती है, जिससे अपेक्षाकृत स्थिर और टैक्स कुशल रिटर्न मिल सकते हैं।

2. क्या FMP एफडी से बेहतर है?

FMP और एफडी दोनों की विशेषताएँ अलग होती हैं। यदि आप कर बचत और अपेक्षाकृत अधिक रिटर्न चाहते हैं तो FMP बेहतर हो सकता है, विशेषकर तीन साल से अधिक की अवधि के लिए। वहीं, एफडी गारंटीड रिटर्न और लिक्विडिटी के मामले में बेहतर होता है।

3. सर्वोत्तम फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान कौन सी है?

मार्च 2025 तक के कुछ बेहतरीन FMPs में Nippon India Fixed Horizon Fund, SBI FMP Series, ICICI Prudential FMP Series और HDFC FMP शामिल हैं। ये योजनाएँ अनुमानित रूप से 8.5% से 10% तक रिटर्न देती हैं और उनकी अवधि 1 से 5 वर्षों के बीच होती है।

4. फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लानओं के कुछ उदाहरण क्या हैं?

FMP के उदाहरणों में शामिल हैं: Nippon India FMP Series 8, SBI FMP Series 1 (3668 Days), ICICI Prudential FMP Series 88 Plan S, Kotak FMP Series 308, और HDFC FMP 1861D March 2022। ये योजनाएँ अलग-अलग अवधि और रिटर्न प्रोफ़ाइल के साथ आती हैं।

5. क्या एसबीआई FMP सुरक्षित है?

SBI जैसे विश्वसनीय AMC द्वारा संचालित FMP अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं क्योंकि वे अच्छी रेटिंग वाले डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं। हालांकि, इनमें बाज़ार और क्रेडिट जोखिम अभी भी बना रहता है, इसलिए निवेश से पहले योजना की होल्डिंग्स और रेटिंग जाँचना जरूरी है।

6. क्या FMP कर-मुक्त है?

FMP कर-मुक्त नहीं होते, लेकिन तीन साल या उससे अधिक की अवधि वाले FMP पर इंडेक्सेशन का लाभ मिलता है। इससे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर 20% टैक्स लगाया जाता है, जो उच्च टैक्स स्लैब वाले निवेशकों के लिए इसे टैक्स कुशल बनाता है।

7. FMP में लॉक-इन अवधि कितनी होती है?

FMP में लॉक-इन अवधि योजना की परिपक्वता अवधि के बराबर होती है, जो आमतौर पर 1 से 5 वर्षों तक की होती है। इस अवधि में निवेशक अपनी राशि निकाल नहीं सकते, सिवाय स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेडिंग के माध्यम से।

8. क्या FMP में गारंटीड रिटर्न मिलता है?

नहीं, FMP में गारंटीड रिटर्न नहीं होता। हालांकि डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश के कारण रिटर्न अपेक्षाकृत स्थिर होते हैं, लेकिन बाजार, ब्याज दर और क्रेडिट जोखिम के कारण रिटर्न में परिवर्तन संभव है।

9. FMP में एनएवी कैसे प्रभावित होता है?

FMP का एनएवी निवेश किए गए डेट इंस्ट्रूमेंट्स के मूल्य, ब्याज दरों में बदलाव और क्रेडिट घटनाओं से प्रभावित होता है। अगर किसी प्रतिभूति की रेटिंग घटती है या डिफॉल्ट होता है तो उसका असर सीधे एनएवी पर पड़ता है।

10. FMP में निवेश कब फायदेमंद होता है?

FMP में निवेश तब फायदेमंद होता है जब आप टैक्स में बचत चाहते हैं, निवेश की अवधि पहले से तय है, और आप अपेक्षाकृत स्थिर रिटर्न की तलाश में हैं। यह उच्च टैक्स ब्रैकेट वाले निवेशकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होता है।

हम आशा करते हैं कि आप विषय के बारे में स्पष्ट हैं। लेकिन ट्रेडिंग और निवेश के संबंध में और भी अधिक सीखने और अन्वेषण करने के लिए, हम आपको उन महत्वपूर्ण विषयों और क्षेत्रों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आपको जानना चाहिए:।

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डिस्क्लेमर: उपरोक्त लेख शैक्षिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है, और लेख में उल्लिखित कंपनियों का डेटा समय के साथ बदल सकता है। उद्धृत प्रतिभूतियाँ अनुकरणीय हैं और अनुशंसात्मक नहीं हैं।

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